Tuesday, November 8, 2016

क्यों धूल धूल सा है ,,,ये आशियाना मेरा,,, पल में दिखता है ,,,पल में ओझल हो जाते है ,,

क्यों धूल धूल सा है ,,,ये आशियाना मेरा,,,
पल में दिखता है ,,,पल में ओझल हो जाते  है ,,,
क्या ये हकीकत है,,,या ,,,सपने मात्र,,
जो कभी अपने से लगते है ,,,तो,,,कभी खो जाते है ,,,
पर कुछ भी हो ,,,,मेरी सुर्ख आँखों के कोने में ,,,
कुछ आंसू थे,,,जो कुछ सूख गये ,,
कुछ कभी कभी परिस्थितिवस होकर ,,,छलक से जाते है

क्यों धूल धूल सा है ,,,ये आशियाना मेरा,,,
पल में दिखता है ,,,पल में ओझल हो जाते  है ,,

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